छोटे कार खरीदारों और बीमा धारकों के लिए बड़ी राहत : संभावित जीएसटी कटौती

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। अगर ये प्रस्ताव मंजूर हो जाते हैं, तो छोटे कार खरीदारों और बीमा ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा।

छोटे वाहनों पर टैक्स घटाने का प्रस्ताव

वर्तमान समय में छोटे पेट्रोल और डीज़ल वाहनों पर 28% जीएसटी लगता है। सरकार ने सुझाव दिया है कि इसे घटाकर 18% किया जाए। इसका सीधा असर ऑटोमोबाइल बाज़ार पर पड़ेगा, क्योंकि इस कदम से छोटे कारों की कीमतें कम हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बजट-फ्रेंडली कारों की मांग में तेज़ी आएगी और बिक्री में नई जान फूंकी जा सकती है।

बीमा क्षेत्र को भी राहत

सरकार बीमा क्षेत्र को भी टैक्स राहत देने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी दर को 0% से 5% तक करने का विचार है। अभी बीमा प्रीमियम पर 18% तक जीएसटी लागू होता है, जिससे आम ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ जाता है। यदि यह बदलाव लागू हो गया, तो बीमा पॉलिसी लेना अधिक किफायती और आकर्षक हो जाएगा।

उद्योग और शेयर बाज़ार पर असर

इस घोषणा के बाद ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में उछाल देखने को मिला। निवेशकों को उम्मीद है कि छोटे कारों की बिक्री बढ़ने से कंपनियों की आमदनी में सुधार होगा। खासकर मारुति, टाटा और हुंडई जैसी कंपनियां, जिनकी छोटे और मिड-सेगमेंट कारों में मजबूत पकड़ है, सबसे अधिक लाभान्वित हो सकती हैं।

आम उपभोक्ताओं के लिए फायदा

यदि प्रस्ताव लागू होते हैं, तो पहली बार कार खरीदने वाले और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा फायदा होगा। ऑटोमोबाइल क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि छोटे शहरों और कस्बों में भी कार खरीदने का ट्रेंड तेज़ी से बढ़ेगा। वहीं, सस्ती बीमा पॉलिसी से अधिक लोग स्वास्थ्य और जीवन बीमा लेने के लिए प्रेरित होंगे।

आगे की प्रक्रिया

इन प्रस्तावों को अब जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जाएगा। अंतिम मंजूरी के बाद ही यह तय होगा कि उपभोक्ताओं को कब से इसका लाभ मिलेगा।