
पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिला। लखनऊ में झोंकेदार हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे शाम को गर्मी से कुछ राहत मिली। दिनभर बदलते मौसम ने लोगों को हैरान किया। राजधानी का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को लखनऊ समेत प्रदेश का मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि दिन के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह तेज धूप निकली थी, लेकिन दोपहर 12 बजे बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी हुई। कुछ देर बाद फिर धूप निकली, मगर करीब तीन बजे अचानक तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कई इलाकों में ओले भी गिरे।
हाथरस में भी ऐसा ही मौसम रहा। वहीं, कानपुर, इटावा, औरैया, उन्नाव और बुंदेलखंड के जिलों में दोपहर बाद बादल छाने लगे। करीब साढ़े चार बजे कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। फर्रुखाबाद में तेज आंधी के कारण एक बड़ा पेड़ गिरने से 75 वर्षीय मोहम्मद अली की मौत हो गई। यह हादसा राजेपुर के कनकापुर इलाके में हुआ, जब वह अपने घर लौट रहे थे। कानपुर में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले पांच दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम में आए इस बदलाव का असर खेती पर भी पड़ा। किसानों के अनुसार, तेज हवा, ओले और बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित इलाके रामपुर, संभल और गुन्नौर रहे, जहां कई जगहों पर ओले गिरे और बारिश हुई। बुलंदशहर के शिकारपुर तहसील में ओलावृष्टि और बारिश दर्ज की गई।मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डा. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे गर्मी का असर बढ़ने की संभावना है।
आगरा शहर में मौसम में शनिवार को बदलाव देखने को मिला। सुबह हल्के बादल रहे फिर धूप निकल आई। दोपहर डेढ़ बजे के करीब मौसम अचानक बदल गया। तेज हवा चलने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब 10-15 मिनट तक यह स्थिति रही। हवा के साथ शहर में धूल के गुबार उड़े तो शहरवासी परेशान हो उठे। इसके बाद हल्के बादल रहे और धूप निकली। शहर में शनिवार सुबह हल्के बादल रहे। दोपहर बाद बादल घिर आए और हवा चलने लगी। बादल गरजे तो ऐसा लगा कि अच्छी वर्षा होगी। हालांकि, तेज हवा के साथ केवल बूंदाबांदी ही हुई।
